मुंबई कॉमिक कॉन में लॉन्च हुआ “ऑपरेटिव नेक्रॉन”: चित्रगाथा कॉमिक्स में ज़ॉम्बी सुपरहीरो यूनिवर्स की नई शुरुआत। (Operative Necron Launches At Mumbai Comic Con – A New Zombie Superhero Universe Begins In Chitragaatha Comics)
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ज़ॉम्बी हॉरर और सुपरहीरो एक्शन का नया भारतीय अनुभव, ऑपरेटिव नेक्रॉन। (A terrifying blend of zombie horror and superhero action arrives with Operative Necron.)
भारतीय कॉमिक्स इंडस्ट्री अब सिर्फ पारंपरिक सुपरहीरो कहानियों तक सीमित नहीं रह गई है। पिछले कुछ वर्षों में इंडी पब्लिशर्स ने हॉरर, साइंस-फिक्शन, डार्क फैंटेसी और पोस्ट-एपोकैलिप्टिक जैसी शैलियों में लगातार नए प्रयोग किए हैं। इसी दिशा में एक और दिलचस्प कदम बढ़ाया है चित्रगाथा काॅमिक्स ने, जिसने मुंबई कॉमिक कॉन में अपने नए टाइटल “ऑपरेटिव नेक्रॉन” को लॉन्च किया।

“ऑपरेटिव नेक्रॉन” एक पोस्ट-एपोकैलिप्टिक ज़ॉम्बी सुपरहीरो कहानी है, जो “प्रोजेक्ट नेक्रॉन” नाम के एक बड़े यूनिवर्स की नींव रखती है। कहानी जयंत और उसकी टीम के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें एक खतरनाक ज़ॉम्बी नेस्ट को खत्म करने के मिशन पर भेजा जाता है। शुरुआत में यह एक सामान्य सैन्य अभियान जैसा दिखाई देता है, लेकिन धीरे-धीरे हालात भयावह रूप लेने लगते हैं।
मिशन आगे बढ़ते ही टीम खुद को ऐसी परिस्थितियों में फंसा पाती है जहाँ हर कदम पर मौत, डर और अनिश्चितता मौजूद है। कहानी सिर्फ ज़ॉम्बी एक्शन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह सर्वाइवल, तनाव और इंसानी मानसिकता को भी दिखाने की कोशिश करती है। यही कारण है कि “ऑपरेटिव नेक्रॉन” का माहौल एक सिनेमैटिक हॉरर अनुभव जैसा महसूस होता है।

कॉमिक्स का सबसे मजबूत पक्ष इसका विज़ुअल प्रेजेंटेशन है। अंग्रेज़ी कवर को आर्टिस्ट अबिनाश और प्रदीप सेहरावत ने तैयार किया है, जबकि हिंदी कवर भी बेहद आकर्षक और डार्क टोन में डिजाइन किया गया है। आर्टिस्ट रवि शंकर का आर्टवर्क कहानी की गंभीरता और भय को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करता है। वहीं उज्जवल भार्गव के रंग कॉमिक्स की पोस्ट-एपोकैलिप्टिक दुनिया को और भी जीवंत बनाते हैं।
कहानी और स्क्रिप्ट जाॅयराज सरमाह और ईशान नागपुरवाला द्वारा लिखी गई है। हिंदी संस्करण में दीपक शर्मा का अनुवाद और रविराज आहूजा की लेटरिंग इसे हिंदी पाठकों के लिए और अधिक सहज बनाती है। विवेक शाशवत द्वारा तैयार किया गया टाइटल डिजाइन भी कॉमिक्स की डार्क थीम के साथ पूरी तरह मेल खाता है।

पुस्तक विवरण:
- प्रकाशक: चित्रगाथाकाॅमिक्स
- पृष्ठ संख्या: 48
- प्रिंट गुणवत्ता: ग्लॉसी पेपरबैक
- मूल्य: ₹301/-
- ऑफर: 10% तक की छूट उपलब्ध
भारतीय कॉमिक्स में ज़ॉम्बी आधारित कहानियाँ अभी भी कम देखने को मिलती हैं। ऐसे में “ऑपरेटिव नेक्रॉन” जैसी कॉमिक्स यह दिखाती हैं कि भारतीय इंडी कॉमिक्स अब नए कॉन्सेप्ट्स और वैश्विक स्तर की प्रस्तुति के साथ आगे बढ़ रही हैं। मुंबई कॉमिक कॉन में लॉन्च के बाद इस कॉमिक्स को लेकर पाठकों और कलेक्टर्स के बीच अच्छी चर्चा देखने को मिली है।
सबसे अच्छी बात यह है कि यह कॉमिक्स हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे अलग-अलग पाठक वर्ग इसका आनंद ले सकते हैं। इसकी फिजिकल कॉपीज़ प्रमुख बुकसेलर्स और ऑनलाइन स्टोर्स पर उपलब्ध हैं।
कॉमिक्स कहाँ उपलब्ध है:
अगर आपको हॉरर, सर्वाइवल थ्रिलर, पोस्ट-एपोकैलिप्टिक दुनिया और डार्क सुपरहीरो कहानियाँ पसंद हैं, तो “ऑपरेटिव नेक्रॉन” आपके लिए एक अलग और दिलचस्प अनुभव साबित हो सकती है। यह सिर्फ एक कॉमिक्स नहीं, बल्कि भारतीय इंडी कॉमिक्स के बदलते दौर की एक नई झलक भी है। आभार – काॅमिक्स बाइट!!
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