राज कॉमिक्स बाय मनोज गुप्ता लेकर आया है गमराज और तिलिस्मदेव की क्लासिक कॉमिक्स का शानदार पुनर्मुद्रण! (Raj Comics by Manoj Gupta Revives Classic Gamraj & Tilismdev Comics in Paperback Reprints!)
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90 के दशक की यादें ताज़ा करने लौटे गमराज और तिलिस्मदेव! राज कॉमिक्स बाय मनोज गुप्ता द्वारा क्लासिक जनरल कॉमिक्स का शानदार पुनर्प्रकाशन। (A nostalgic return of Gamraj and Tilismdev! Raj Comics by Manoj Gupta brings back beloved General Comics classics in fresh paperback editions.)
भारतीय कॉमिक्स जगत में कुछ ऐसे किरदार हैं जो सुपरहीरो न होते हुए भी पाठकों के दिलों पर राज करते हैं। उनकी कहानियों में न केवल मनोरंजन होता है बल्कि एक अलग तरह की मासूमियत और रचनात्मकता भी देखने को मिलती है। ऐसे ही दो लोकप्रिय नाम हैं – “गमराज और तिलिस्मदेव।”
कॉमिक्स प्रेमियों के लिए यह बेहद सुखद समाचार है कि राज कॉमिक्स बाय मनोज गुप्ता का प्रकाशन इन क्लासिक जनरल कॉमिक्स को एक बार फिर पेपरबैक संस्करण में प्रकाशित कर रहा है। ये वही कहानियाँ हैं जो वर्षों पहले जनरल कॉमिक्स श्रृंखला के अंतर्गत प्रकाशित हुई थीं और जिन्होंने एक पूरी पीढ़ी का मनोरंजन किया था।
गमराज – गम और हँसी का बादशाह फिर लौट आया
भारतीय कॉमिक्स के सबसे लोकप्रिय हास्य पात्रों में गमराज का नाम सम्मान से लिया जाता है। यमलोक से धरती पर आने वाला यह विचित्र और मजेदार पात्र अपने अनोखे कारनामों से पाठकों को खूब गुदगुदाता रहा है।
इस बार प्रकाशित हो रहे जनरल सेट में गमराज की पहली काॅमिक्स और कई चर्चित कहानियाँ शामिल हैं।

विवरण गमराज जनरल सेट 5 (Comic Titles Gamraj General Set 5)
- गमराज (Gamraj)
- गमराज और मिस्टर नटवरलाल (Gamraj Aur Mr. Natwarlal)
- गमराज और चिन-चू (Gamraj Aur Chin-Chu)
- गमराज और हिटलर (Gamraj Aur Hitler)
- गमराज दी ग्रेट (Gamraj The Great)
- एक दिन का यमराज – गमराज (Ek Din Ka Yamraj – Gamraj)
- किक बॉक्सर – गमराज (Kick Boxer – Gamraj)
विशेष बात यह है कि पूरा सेट खरीदने पर एक आकर्षक फ्री स्टैंडी भी दी जा रही है, जो कलेक्टर्स के लिए अतिरिक्त आकर्षण का केंद्र है। सभी काॅमिक्स का मूल्य प्रति अंक 100/- रूपये हैं और पृष्ठ संख्या 32।

विवरण गमराज जनरल सेट 6 (Comic Titles Gamraj General Set 6)
- गमराज और उस्ताद गुलगुला (Gamraj Aur Ustad Gulgula)
- यमुण्डा – गमराज (Yamunda – Gamraj)
- चिड़ियाघर की चोरी – गमराज (Chidiyaghar Ki Chori – Gamraj)
- गमराज ही गमराज (Gamraj Hi Gamraj)
- हम सब भूत हैं – गमराज (Hum Sab Bhoot Hain – Gamraj)
- गमराज का हंगामा (Gamraj Ka Hungama)
- कौआ जी – गमराज (Kauwa Ji – Gamraj)
आर्टिस्ट प्रदीप साठे जी के जबरदस्त आर्टवर्क और आर्टिस्ट के.एल. वर्मा जी के शानदार कवर आर्ट के साथ यह सभी काॅमिक्स संग्रहणीय के श्रेणी में अपने आप ही आ जाते हैं।
तिलिस्मदेव – जादू, रहस्य और रोमांच का अनोखा संसार
जहाँ गमराज पाठकों को हँसी से लोटपोट करता है, वहीं तिलिस्मदेव अपनी रहस्यमयी और फैंटेसी से भरपूर कहानियों के लिए जाना जाता है।

इस पुनर्मुद्रण में “कहर की देवी”, “तिलिस्मदेव और जादूराज”, “कंकाड़ा की मौत” और “चंडकाली मुंडमाला” जैसी रोमांचक कॉमिक्स शामिल हैं। भारतीय फैंटेसी कॉमिक्स के प्रशंसकों के लिए यह सेट किसी खजाने से कम नहीं है।
क्यों खास हैं ये पुनर्मुद्रण?
आज के दौर में पुरानी कॉमिक्स की मूल प्रतियाँ ढूँढना आसान नहीं है। कई अंक वर्षों से आउट ऑफ प्रिंट हैं और सेकेंडरी मार्केट में उनकी कीमतें भी काफी बढ़ चुकी हैं। ऐसे में इन क्लासिक कहानियों का पुनर्प्रकाशन नए पाठकों और पुराने संग्रहकर्ताओं दोनों के लिए शानदार अवसर लेकर आया है।
इन कॉमिक्स की सबसे बड़ी ताकत है उनकी सरल लेकिन मनोरंजक कहानियाँ, यादगार पात्र और वह नॉस्टैल्जिया जो बचपन की गर्मियों, किराये की कॉमिक्स लाइब्रेरी और दोस्तों के साथ कॉमिक्स बदल-बदलकर पढ़ने की यादें ताज़ा कर देता है।
संग्रहकर्ताओं के लिए सुनहरा मौका
यदि आपके संग्रह में गमराज या तिलिस्मदेव की पुरानी कॉमिक्स नहीं हैं, तो यह पुनर्मुद्रण उन्हें जोड़ने का शानदार अवसर है। वहीं जिन पाठकों ने बचपन में इन कहानियों का आनंद लिया था, वे एक बार फिर उसी जादू को महसूस कर सकते हैं।
राज कॉमिक्स बाय मनोज गुप्ता का यह प्रयास न केवल पुरानी विरासत को संरक्षित करता है, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय कॉमिक्स के स्वर्णिम दौर से भी परिचित कराता है। काॅमिक्स सभी पुस्तक विक्रेताओं के पास प्री-आर्डर पर उपलब्ध है, आप देव काॅमिक्स स्टोर से भी इसे मंगवा सकते हैं।
क्या आपने इनमें से कोई कॉमिक बचपन में पढ़ी है? हमें कमेंट्स में बताइए कि गमराज और तिलिस्मदेव की आपकी सबसे पसंदीदा कहानी कौन-सी है। आभार – काॅमिक्स बाइट!!
Tanashah Special Collector’s Edition | Nagraj & Super Commando Dhruva | Raj Comics




