जैक द रिपर बनाम शरलॉक होम्स: ‘रिपर का आतंक’ में इतिहास, रहस्य और नरक का संग्राम! (Jack the Ripper vs Sherlock Holmes: History, Horror and Hell Collide in Act of Hell #04)
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जब कानून नाकाम हो जाए, तब न्याय नरक से आता है। (When justice fails on Earth, Hell sends its own executioner.)
भारतीय कॉमिक्स जगत में डार्क फैंटेसी और हॉरर आधारित कहानियों का दायरा लगातार बढ़ रहा है, और इसी दिशा में WaterCore Entertainment की लोकप्रिय श्रृंखला Act of Hell का चौथा अंक ‘रिपर का आतंक’ पाठकों के लिए एक बेहद रोचक अनुभव लेकर आया है।

यह कहानी हमें सीधे वर्ष 1888 के लंदन में ले जाती है, जहां व्हाइटचैपल की गलियों में एक नाम पूरे शहर को भयभीत कर रहा है – “जैक द रिपर”। इतिहास के सबसे कुख्यात सीरियल किलर्स में गिने जाने वाले इस रहस्यमय हत्यारे के पीछे केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि दुनिया का महानतम जासूस शरलॉक होम्स भी पड़ चुका है।

डॉक्टर वॉटसन और इंस्पेक्टर एबरलाइन के साथ होम्स उन सुरागों को जोड़ने का प्रयास करता है जो हर नई हत्या के बाद और भी उलझते चले जाते हैं। लेकिन यह कोई साधारण अपराध कथा नहीं है। जैसे-जैसे रिपर की हत्याएं अपने भयावह चरम पर पहुंचती हैं, नरक में भी हलचल मच जाती है।

यमराज एक नया आदेश जारी करते हैं और उस आदेश को पूरा करने के लिए भारत से लंदन पहुंचता है नारक्रो, एक ऐसा हत्यारा जिसकी पहचान अनंतकाल तक फैली हुई है। इसके बाद कहानी केवल अपराध और जांच तक सीमित नहीं रहती, बल्कि न्याय, दंड, मृत्यु और नरक की शक्तियों के बीच एक खतरनाक संघर्ष में बदल जाती है।
इतिहास और फैंटेसी का अनोखा संगम
कॉमिक्स की सबसे बड़ी विशेषता इसका विषय है। एक तरफ वास्तविक इतिहास से जुड़ा जैक द रिपर का रहस्य है, वहीं दूसरी ओर शरलॉक होम्स जैसा कालजयी जासूस और साथ ही इसमें Act of Hell यूनिवर्स के अलौकिक तत्व मौजूद हैं। यह मिश्रण कहानी को सामान्य क्राइम थ्रिलर से कहीं आगे ले जाता है।

ऐसी कहानियां पाठकों को केवल मनोरंजन ही नहीं देतीं, बल्कि उन्हें यह सोचने पर भी मजबूर करती हैं कि यदि इतिहास के इन प्रसिद्ध पात्रों का सामना किसी अलौकिक शक्ति से होता तो परिणाम क्या होता।
शानदार प्रस्तुति
कहानी के लेखक और काॅमिक्स के प्रस्तुतकर्ता किशन हरचंदानी ने ऐतिहासिक रहस्य और डार्क फैंटेसी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया है। वहीं WCD Studio का चित्रांकन कहानी के भयावह वातावरण को जीवंत बनाता है।

ललित कुमार सिंह द्वारा तैयार किया गया कवर आर्ट पहली नजर में ही पाठकों का ध्यान आकर्षित करता है, जबकि अमृत पसांग लामा के रंग आवरण के गहरे और रहस्यमयी माहौल को और प्रभावशाली बनाते हैं। लेटरिंग और ग्राफिक डिजाइन का कार्य लखन शर्मा ने संभाला है, जो प्रस्तुति को पेशेवर रूप प्रदान करता है।
विभिन्न संस्करणों में उपलब्ध
‘रिपर का आतंक’ केवल रेगुलर कवर तक सीमित नहीं है। पाठकों के लिए इसके वेरिएंट कवर संस्करण भी उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त दो विशेष हिंदी और अंग्रेज़ी कवर विशेष रूप से Dev Comic Store के लिए तैयार किए गए हैं, जो कलेक्टर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं।

कॉमिक्स अब प्रिंट होकर उपलब्ध हो चुकी है और पाठक इसे Act of Hell की आधिकारिक वेबसाइट तथा Dev Comic Store से ऑर्डर कर सकते हैं।
नए पाठकों के लिए अच्छी खबर
यदि आपने Act of Hell श्रृंखला की शुरुआती कहानियां नहीं पढ़ी हैं, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले श्रृंखला का एक संयुक्त संस्करण प्रकाशित किया जा चुका है जिसमें शुरुआती तीन कॉमिक्स को एक साथ संकलित किया गया है। यह नए पाठकों को इस डार्क यूनिवर्स में प्रवेश करने का शानदार अवसर प्रदान करता है।

कॉमिक्स का विवरण
- कॉमिक्स: Act of Hell #04 – Ripper Ka Aatank (Hindi/English)
- लेखक: किशन हरचंदानी
- चित्रांकन: WCD Studio
- कवर आर्ट: ललित कुमार सिंह
- रंग सज्जा: अमृत पसांग लामा
- लेटरिंग एवं ग्राफिक डिज़ाइन: लखन शर्मा
- प्रकाशक:
- पृष्ठ: 32
- बाइंडिंग: पेपरबैक
- मूल्य: ₹249 (डिस्काउंट के बाद ₹220)
‘Act of Hell #04: रिपर का आतंक’ उन पाठकों के लिए विशेष रूप से आकर्षक साबित हो सकती है जो शरलॉक होम्स, जैक द रिपर, हॉरर और डार्क फैंटेसी जैसी विधाओं को पसंद करते हैं। इतिहास के सबसे चर्चित रहस्यों में से एक को नरक और अलौकिक शक्तियों के साथ जोड़ने का विचार इसे भारतीय कॉमिक्स में एक अलग पहचान देगा।


यदि आप ऐसी कहानियों की तलाश में हैं जहां रहस्य, भय, इतिहास और फैंटेसी एक साथ मौजूद हों, तो ‘रिपर का आतंक’ आपकी पढ़ने की सूची में अवश्य शामिल होनी चाहिए। आभार – काॅमिक्स बाइट!!
पढ़े: Act of Hell: The Predator of Heaven – When the Jungle Judges the Sins of Man
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