लघुकथा: टिनी का भयानक सपना
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भूल, सपना और समझदारी: टिनी की सीख देने वाली कहानी

यह कहानी एक टिनी नाम की लड़की की है जो कि एक मस्त मौला, खुशमिजाज, और हमेशा मुस्करा कर रहने वाली लड़की है. लेकिन इन सब के साथ-साथ टिनी एक शक्की मिजाज की लड़की है जो कि अपनी चीजों की बहुत परवाह करती है और अगर उसकी कोई चीज खो जाएं तो पूरा घर सर पर उठा लेती हैं. और इसी के साथ टिनी की एक बुरी आदत है या यूं कहिए कि एक अजीब सी आदत है टिनी जब भी कोई सपना देखती है तो उस सपने को अपनी जिंदगी से जोड़ लेती हैं और पूरे दिन चिन्ता में लगी रहती है.
टिनी के परिवार में टिनी के अलावा उसका भाई सैमी है जो टिनी से छोटा है और बहुत शांत स्वभाव का है और टिनी की मां जिनका नाम मारिया है वो टिनी और उसके भाई सैमी को बहुत प्यार करती है और टिनी की हर चीज का सबसे ज्यादा ख्याल रखती है. इन सब के अलावा टिनी के पिता जिनका नाम रोजर है. वो एक ईमानदार इंसान है और उनका परफ्यूम का बिजनेस है जिससे उनके घर की रोजी-रोटी चलती है. टिनी के पिता उसकी और उसके छोटे भाई सैमी की हर इच्छा पूरी करते हैं लेकिन वो भी टिनी के गुस्से से डरते हैं.
एक बार की बात है टिनी को एक जन्मदिन की पार्टी में जाना था उसकी दोस्त की जन्मदिन की पार्टी थी तो उसने टिनी को फोन करके आमंत्रित किया था. टिनी सुबह से ही अपनी तैयारी में लग गयी कि उसको क्या कपड़े पहनने है, केसे बाल बनाने है, और साथ में टिनी ने अपनी सबसे पसंदीदा सैंडल निकाल ली जो की उसकी सबसे महंगी सैंडल थी. टिनी अपना सामान देख ही रही थी इतने में उसका भाई सैमी उसके कमरे में आता है कुछ अपना सामान लेने टिनी अपने भाई सैमी से कहती हैं कि जो भी लेने आएं हो लेकर चले जाओ मेरे सामान को हाथ मत लगाना. टिनी का भाई कहता है ठीक है और अपनी किताबें ढूंढने लगता है टिनी ने पूरा कमरा फैला रखा था जिसकी वजह से सैमी को थोड़ी देरी लग गई अपनी किताबें ढूंढने में. सैमी किताब ढूंढ़कर जा ही रहा था कि उसका पैर टिनी के फैलाएं हुए सामान के कपड़ों में उलझा और उसके हाथ से उसकी किताबें छूटकर टिनी के सैंडल पर गिर गई. टिनी अचानक से अपने भाई सैमी पर चिल्लाई और उसको सुनाने लगी, टिनी का चिल्लाना सुनकर उसकी मम्मी कमरे में आई और पूरी बात जानी. उन्होंने बड़ी मुश्किल से टिनी को संभाला और कहा कि अब उसके सामान से कोई छेड़छाड़ नहीं करेगा वो आराम से तैयारी करे इतना कहके वो टिनी के भाई सैमी को वहां से ले गयी.
रात का समय हुआ टिनी पार्टी में जाने के लिए तैयार हो गई और अपनी मां से कहा कि वो पार्टी में जारी है जल्दी आ जाएंगी. टिनी की मां मारिया ने जाने दिया क्यूंकि वो अकेले नहीं अपनी दोस्तों के साथ जा रही थी इसलिए उन्हें चिंता नहीं हुई. रात के करीब नौ बज रहे थे टिनी के पापा रोजर भी घर आ गए थे. टिनी के पापा सबके लिए आईसक्रीम लेकर आएं थे आते ही उन्होंने टिनी और बाकी सदस्यों को आवाज दी तो टिनी का भाई सैमी और मां लिविंग रूम में आ गए टिनी के पापा ने पूछा कि टिनी कहा है आज वो उसकी और उसके भाई की फैवरेट आइसक्रीम लाएं है तब टिनी के भाई सैमी ने बताया कि टिनी पार्टी में गयी हैं. टिनी का भाई बोला कि जब टिनी आ जाएंगी तभी वो सब आइसक्रीम खा लेंगे.
रात बहुत हो चुकी थी, टिनी करीब ग्यारह बजे घर पर आई उसने डॉरबैल बजाई तो उसकी मम्मी ने दरवाजा खोला टिनी बहुत थकी हुई थी उसकी आंखों में नींद थी तो वो अपनी मां से कहने लगी कि मां मैं सोने जारी हूं तभी टिनी का भाई बोला कि दीदी रूको पापा आइसक्रीम लाएं है मैं आपका ही वेट कर रहा था, तभी टिनी ने कहा कि नहीं वो सुबह खाएंगी अभी वो बहुत थक गई है तभी टिनी के पापा कहा कि आ जाओ टिनी खा लो, तुम्हें मजा आएगा और पार्टी में जो खाना खाया है वो भी पच जाएगा, टिनी मान गई और सोफे पर जाकर बैठ गई तभी टिनी का भाई उसके लिए रसोई से आइसक्रीम लेने गया. टिनी के भाई सैमी ने सोचा कि वो टिनी को आईसक्रीम भी दे देगा और सुबह के लिए जो उससे गलती हुई माफ़ी भी मांग लेगा. वो टिनी के लिए आइसक्रीम लेकर जा ही रहा था कि उसका पैर टिनी के निचे गिरे हुए रूमाल पर फिसला और आईसक्रीम टिनी के कपड़ों और उसकी सबसे पसंदीदा सैंडल पर गिर गई टिनी एक दम से उठ गई और अपने भाई के ऊपर खूब गुस्सा करने लगी और कहने लगी कि तुम अंधे हो तुमको दिखाई नहीं देता और भी बुरा भला कहने लगी वहीं खड़ी टिनी की मां ने टिनी को चुप कराया और उसे डांटा और कहा कि टिनी एक तो गलती तुम्हारी कि तुमने अपना रूमाल या गिरा दिया और उसको उठाया तक नहीं और दूसरा तुम अपने भाई को ये क्या बोले जा रही हो सुबह भी तुमने उसे बहुत सुनाया था।
इतने में टिनी बोली कि आप मुझे क्यू कुछ कह रही है इसने मेरे ऊपर टिनी की बात को बीच में काटते हुए टिनी के पापा रोजर ने कहा कि सब शांत हो जाओ रात बहुत हो गयी हैं सबको सो जाना चाहिए इतना सुनने के बाद टिनी अपने कमरे में चली गई और उसके पापा भी सोने चले गए। टिनी का भाई सैमी उदास हो गया था कि टिनी ने उसे इतना कुछ कहा, तो टिनी की मां ने सैमी को समझाया और कहा कि वो दुखी ना हो वो टिनी के व्यवहार को अच्छे से जानता है तो बुरा ना लगाएं इतना कहकर वो आइसक्रीम फ्रिज में रखकर दोनों सोने चले गए. उधर टिनी अपने कमरे में गुस्से में थी एक तो उसकी आंखों में नींद भरी थी दूसरा उसका सर घूम रहा था क्योंकि उसके कपड़ो और पसंदीदा सैंडल पर आइसक्रीम जो गिर गई थी. रात बहुत हो चुकी थी और टिनी थकी हुई भी थी इसलिए टिनी ने जल्दी कपड़े बदल के और थोड़े से सैंडल साफ करके अपनी अलमारी के नीचे वाले हिस्से में सबसे पिछे पेटी में रख दिए जहा वो कभी-कभी अपना सामान देखती थी और बिस्तर पर जाकर गहरी नींद में सो गई थी. थोड़ी देर बाद टिनी ने सपना देखा कि उसके पसंदीदा सैंडल किसी ने चुरा लिए और उनको तोड़ कर फेंक दिया. टिनी की घबराकर आंखें खुली और उसने समय देखा तो सुबह के आठ बज रहे थे!
तभी टिनी बैड से उतरी और अपने सैंडल ढूंढने लगी उसने कमरे में इधर उधर देखा और बाहर चली गई, और लिविंग रूम में ढूंढने लगी. लिविंग रूम में देखने के बाद भी उसको नहीं मिले उसकी मम्मी ने उसको देखा कि वो हड़बड़ाहट में कुछ ढूंढ रही थी पहले तो उसकी मम्मी ने उसको पूछा नहीं कि वो क्या ढूंढ रही है लेकिन थोड़ी देर बाद पूछ ही लिया तब टिनी ने बताया कि उसके सैंडल नहीं मिल रहे हैं कहीं खो गये. टिनी की मम्मी ने कहा कि ऐसे कैसे खो गये उसने कहा रखें थे तब टिनी बोली की कमरे में ही रखें थे पता नहीं कहां गए! तभी टिनी को याद आई रात वाली बात और वो सोचने लगी कि जरूर ये उसके भाई सैमी का काम होगा।
टिनी ने अपनी मां से कहा कि वो समझ गई कि ये सैमी का काम है उसने ही उसके सैंडल गायब किए हैं क्योंकि रात उसने उसके ऊपर गुस्सा किया था तो सैमी ने बदला लिया है तभी टिनी की मां ने कहा की टिनी तुम पागल हो गई हो कुछ भी बोले जा रही हो वो ऐसा नहीं करेगा, तभी टिनी ने अपने भाई सैमी को आवाज दी, वो आवाज सुनते ही बाहर लिविंग रूम में आया और कहा कि क्या बात है तभी टिनी ने बोला कि मेरे सैंडल कहा है तुमने चुराएं है ना तुमने बदला लिया है मुझसे तभी सैमी ने कहा कि उसने ऐसा कुछ नहीं किया है वो तो अपने कमरे में काम कर रहा था तभी टिनी बोली कि झूठ मत बोलो ये सब तुमने ही किया है तुम ऐसे तो बताओगे नहीं मैं पुलिस में रिपोर्ट करूंगी, टिनी की मां मारिया कहती हैं कि बस चुप हो जाओ यही कहीं होंगे हम मिलकर ढूंढते हैं. इतना कहकर वो और टिनी सैंडल ढूंढने लग जाते हैं लेकिन सैंडल नहीं मिलते हैं तभी टिनी अपने कमरे में जाती है और इधर उधर ढूंढने लगती है! शाम हो जाती है लेकिन उसे उसके सैंडल नहीं मिलते वो परैशान होकर बैठ जाती है तभी उसकी मम्मी उसके कमरे में आती है और पूछती है कि सैंडल मिले क्या?
टिनी मना कर देती है तभी टिनी की मम्मी कहती हैं कि वो एक बार अच्छे से सोचे कि उसने कहा रखें थे क्यूंकि वो रखकर चिजे भूल जाती है तभी टिनी आंख बंद करके सब याद करती है तो उसे याद आता है और वो अपनी अलमारी खोलती है और उसी जगह देखती है जहा उसने रात रखें थे तब उसे वो वहीं मिलते हैं तब वो अपनी मम्मी से खुश होकर कहती हैं कि मिल गये और तब उसे याद आता है कि उसने सपना देखा था कि खो गये है तभी टिनी की मम्मी ने कहा कि तुम पूरा दिन बैवजह परेशान थी हुआ कुछ भी नहीं था बस तुम रखकर भूल गयी थी, तभी टिनी ने अपनी मम्मी को धन्यवाद कहा तो टिनी की मम्मी ने कहा मुझे नहीं अपने भाई को धन्यवाद कहो जिसने मुझे तुम्हारे पास भेजा और कहा कि तुम्हें याद दिलाऊं और कहुं की तुम ही रखकर कहीं भूल जाती हो. तब टिनी की मम्मी ने कहा कि अपने भाई से माफ़ी भी मांगों उसने कुछ किया भी नहीं तुमने उस पर इल्जाम लगाया और बहुत कुछ कहा, टिनी ने अपने भाई सैमी से माफ़ी मांग ली और रात को सब मिलकर आईसक्रीम खाने लगे, तब टिनी की मम्मी मारिया ने टिनी के पापा रोजर को पूरी बात बताई और कहा कि एक टिनी के सपने की वजह से पूरे दिन क्या क्या हुआ, ये सब सुनकर टिनी के पापा और सब हंसने लगे और आइसक्रीम खाने लगे।
नाम : इशिका चौधरी


