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खूनी खानदान – सुपर कमांडो ध्रुव – राज कॉमिक्स रिव्यू (Khooni Khandan – Super Commando Dhruva – Raj Comics Review)

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Super_Commando_Dhruva_By_Anupam_Sinha

सुपर कमांडो ध्रुव (Super Commando Dhruva): राज कॉमिक्स का चमकता सितारा सुपर कमांडो ध्रुव जिसने अपराध को मिटाने की भीष्म प्रतिज्ञा ली है, अपने क्षेत्र राजनगर के साथ-साथ देश और पृथ्वी को भी सुरक्षित रखने का जिम्मा उसके बलशाली कंधो पर है। उसके पास कोई सुपर ह्यूमन ताकत नहीं है लेकिन अपने दृढ़ संकल्प, अपराध को समाप्त करने की अपनी प्रतिज्ञा, सर्कस में सीखें गए कुशल कलाबाज़ी और शरीर-सौष्ठव के तरीके एवं स्टंटमैन्स के द्वारा समझाए गए गुरों के कारण वह आम इंसानों से कई कदम आगे दिखाई पड़ता है। ध्रुव पशु-पक्षियों से बात कर सकता है और अपने स्वर्ण नगरी के परम मित्र धनंजय द्वारा दिए गए विज्ञान के एक यंत्र से जल में साँस भी ले सकता है। उसके अपराध उन्मूलन के कार्य में साथ देते है कमांडो फ़ोर्स के कैडेट्स और उसकी बहन श्वेता या फिर कहें चंडिका। ध्रुव के दत्तक पिता आई जी राजन और ब्रम्हांड रक्षक से जुड़े अन्य महानायक जैसे नागराज, शक्ति और डोगा भी समय-समय पर ध्रुव के साथ नजर आएं है। ध्रुव भारत के पॉप कल्चर का उभरता नाम है और हाल के वर्षों में इसका उल्लेख ओटीटी एवं फिल्मों में भी देखा जा सकता है। इस पात्र के रचियता है लीजेंडरी कॉमिक बुक आर्टिस्ट श्री ‘अनुपम सिन्हा’ जी और आज भी वह लगातार ध्रुव के नए कॉमिक्स पर कार्यरत है, उनका धेय्य भारत के कॉमिक प्रशंसकों को मनोरंजन के साथ, तर्क, न्याय एवं नैतिकता का पथ दिखाना भी रहा है।

खूनी खानदान (भाग 1) – सुपर कमांडो ध्रुव का अतीत और रहस्य – राज कॉमिक्स (Khooni Khandaan (Part 1) – The past and secrets of Super Commando Dhruv – Raj Comics)

राज कॉमिक्स ने नब्बे के दशक में अपने पाठकों को कई यादगार श्रृंखलाएँ दीं और इन्हीं में से एक थी खूनी खानदान, जो वर्ष 1997 के में प्रकाशित हुई थी। इस कॉमिक ने सुपर कमांडो ध्रुव के किरदार को नई गहराई दी क्योंकि इसमें उसके परिवार और अतीत से जुड़ी परतें पहली बार खुलकर सामने आईं। अनुपम सिन्हा जी की शानदार कथा और चित्रकारी, विट्ठल कांबले की इंकिंग और सुनील पांडे के रंगों ने इस कॉमिक्स को ऐसा रूप दिया कि यह पाठकों के ज़हन में हमेशा के लिए बस गई। यह तीन कॉमिक्स की श्रृंखला थी जिसकी शुरुवात हुई इस हैरतअंगेज कहानी से जहाँ ‘सुपर कमांडो ध्रुव’ को पता चलता है अपने पिता का ‘खूनी’ अतीत का!

Khooni Khandan - Raj Comics - Super Commando Dhruv
Khooni Khandan – Raj Comics – Super Commando Dhruva

कहानी की शुरुआत होती है ध्रुव के क्लासिक अंदाज़ से। वह कुछ अपराधियों को रोक रहा होता है और दिलचस्प बात यह है कि इस बार वह अपने ही कट-आउट्स और डस्टबिन्स का इस्तेमाल करके उन्हें मात देता है। यह दृश्य न केवल रोमांचक है बल्कि लेखक की कल्पनाशीलता को भी दर्शाता है। इसी बीच उसकी मुलाक़ात पत्रकार वैशाली से होती है, जो जुपिटर सर्कस पर एक आर्टिकल लिख रही है और उसे ध्रुव की मदद की आवश्यकता है। ध्रुव अभी तक नहीं जानता कि उसका जीवन जल्द ही एक नए मोड़ पर पहुंचने वाला है।

Khooni Khandan - Raj Comics - Super Commando Dhruva - 0
Khooni Khandan – Raj Comics – Super Commando Dhruva

दूसरी ओर, फ्रांस के शहर लियोन में एक रहस्यमयी व्यक्ति अपने तोते के साथ कुछ लोगों पर नजर रख रहा है जो किसी खतरनाक षड्यंत्र कि ओर इशारा कर रहे है। बातचीत से स्पष्ट होता है कि एक बड़ा साइंटिफिक हीस्ट होने वाला है और दूसरी ओर सुपर कमांडो ध्रुव को भी रास्ते से हटाने की योजना भी शामिल है। दो नाम उभरकर सामने आते हैं “मार्सेल और सात्रे”, जो इस साज़िश के मुख्य खिलाड़ी हैं। जैसे ही फ्रांस का यह प्लॉट पाठक को थ्रिलर दुनिया में खींच लेता है, भारत में ध्रुव अपने निजी जीवन से जूझ रहा होता है। कुछ दिन बाद जुपिटर सर्कस के हादसे में अपने असली माता-पिता को गवां चुका ध्रुव उनकी बरसी मना है और यह दृश्य बेहद भावुक बना देता है। ध्रुव, उसकी मां रजनी और श्वेता सभी अतीत की यादों में डूबे हुए हैं।

Khooni Khandan - Raj Comics - Super Commando Dhruva - 1
Khooni Khandan – Raj Comics – Super Commando Dhruva

इसी बीच एक रहस्यमयी फोन कॉल ध्रुव की दुनिया हिला देता है। कॉल करने वाला ध्रुव का कज़िन लुका है, जो बताता है कि ध्रुव के पिता श्याम कोई नायक नहीं, बल्कि फ्रांस से भागा हुआ एक अपराधी था। यह खुलासा ध्रुव को गहरे द्वंद में डाल देता है। लुका अपने साथ दो रहस्यमयी साथी (पेशेवर हत्यारे) बी यर्ड और बुल्स आई को लेकर आता है और ध्रुव को ‘राजनगर’ के आर्टिफिशियल वॉटरफॉल पर मिलने के लिए बुलाता है। ध्रुव वहाँ पहुँचता है और एक रोमांचक भिड़ंत होती है। इस लड़ाई में अचानक एक गोरिल्ला भी शामिल हो जाता है एवं वह लड़ाई में घायल हो जाता है, ध्रुव किसी तरह हालात पर काबू पाता है और गोरिल्ला को जानवरों के अस्पताल पहुँचा देता है।

Khooni Khandan - Raj Comics - Super Commando Dhruva
Khooni Khandan – Raj Comics – Super Commando Dhruva – 2

दूसरी ओर, ध्रुव का साथी पीटर (कमांडो फ़ोर्स) में उसके पिता श्याम के डेंटल इंप्रिंट्स की जांच कर रहा होता है जो उसे वैशाली ने दिया था ताकि यह पता चल सके कि क्या वाकई यह श्याम के इंप्रिंट थे। इसी दौरान, कमांडो हेडक्वार्टर में ध्रुव को और सुराग मिलते हैं, जो था ‘जुपिटर सर्कस’ से जुड़ा ‘जे’ का निशान जो उस गोरिल्ला के पैर पर अंकित था और क्या है उसके अतीत की गुत्थियाँ। अस्पताल में भर्ती उस गोरिल्ला पर लुका और उसका साथी बी यर्ड एक बार फिर हमला करते हैं। यहां ध्रुव और बी यर्ड के बीच मधुमक्खियों से भरी रोमांचक लड़ाई होती है। साथ ही वहां पर रहस्यम कोटधारी भी उपस्तिथ होता है जो अपने गुरिल्ले से मिलने आया था! जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह नया किरदार सामने आता है जो असल में जुपिटर सर्कस का मालिक ‘जैकब’ है।

धीरे-धीरे परतें खुलती हैं और पाठकों को पता चलता है कि ध्रुव का अतीत उतना पवित्र नहीं है जितना उसने हमेशा माना था। उसके पूर्वज दरअसल हत्यारे थे और वही खूनी खानदान ध्रुव के सिर पर एक काला साया बनकर मंडरा रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या अपराध से लड़ने वाला सुपर कमांडो ध्रुव भी उसी विरासत का वारिस है जिसे मिटाने के लिए उसने अपनी पूरी जिंदगी समर्पित की है? कॉमिक्स का अंत यहीं होता है, लेकिन यह अंत असल में एक नई शुरुआत है। पाठक अगले भाग का इंतज़ार करते रह जाते हैं ताकि यह जान सकें कि ध्रुव अपने अतीत की इस काली गुत्थी से कैसे बाहर निकलता है।

अनुपम सिन्हा की पेंसिलिंग, विट्ठल कांबले की इंकिंग और सुनील पांडे के रंगों ने हर दृश्य को जीवंत बना दिया है। खासकर पारिवारिक भावनात्मक पल और ध्रुव की ज़बरदस्त फाइट्स कॉमिक को यादगार बनाते हैं। नब्बें के दौर में प्रशंसकों में सुपर कमांडो ध्रुव का गहरा असर था, उसके तरीके, विज्ञान के पाठ, अपराध उन्मूलन की उसकी प्रतिज्ञा और लड़ाई के अद्भुद तरीके बहुत पसंद किये जा रहे थे। पाठकों में बिलकुल अलग ही क्रेज या कहे दीवानापन था और राज कॉमिक्स के हर सेट का इंतजार बड़े ही बेसब्री से होता था। राज कॉमिक्स पूरी टीम शानदार कार्य आपको इस कॉमिक्स के पृष्ठों में देखने और पढ़ने को मिलेगा।

Khooni Khandan - Raj Comics - Super Commando Dhruva - Credits
Khooni Khandan – Raj Comics – Super Commando Dhruva – Credits

इस कॉमिक की एक और विशेषता थी इसमें छपे ग्रीन पेज, स्टार मेल और अगली कॉमिक्स ‘अतीत’ का विज्ञापन। यह सब मिलकर खूनी खानदान को सिर्फ एक कॉमिक्स नहीं बल्कि एक अनुभव बना देते हैं। यह कॉमिक उन चुनिंदा कहानियों में से है जो ध्रुव को सिर्फ एक सुपरहीरो नहीं बल्कि एक इंसान, एक बेटा और एक संघर्षशील शख्स के रूप में भी प्रस्तुत करती है।

कथा: अनुपम सिन्हा
इंकिंग: विट्ठल कांबले
सुलेख व रंग: सुनील पांडे
संपादक: मनीष गुप्ता

प्रकाशक : राज कॉमिक्स
पेज : 64
पेपर : मैपलिथो
मूल्य : 16/- (इन 90’s)
भाषा : हिंदी
कहां से खरीदें : अमेज़न व अन्य पुस्तक विक्रेता

Khooni Khandan - Raj Comics - Super Commando Dhruva
Khooni Khandan – Raj Comics – Super Commando Dhruva

निष्कर्ष (Conclusion)

इस सीरीज़ का सबसे बड़ा आकर्षण था ध्रुव के फैमिली बैकग्राउंड और उसके पिता श्याम से जुड़ा रहस्य। इस कॉमिक ने पहली बार ध्रुव के अतीत पर गहरी रोशनी डाली और पाठकों को चौंका दिया। खूनी ख़ानदान केवल एक कॉमिक्स नहीं, बल्कि ध्रुव के अतीत और उसकी पहचान से जुड़ा बड़ा सवाल है। इसमें हमें मिलता है जबरदस्त एक्शन, रहस्य और थ्रिलर प्लॉट, ध्रुव का भावनात्मक पक्ष और उसके फैमिली बैकग्राउंड का चौंकाने वाला खुलासा! यदि आप ध्रुव के सच्चे प्रशंसक हैं, तो यह कॉमिक आपके कलेक्शन का हिस्सा ज़रूर होनी चाहिए। इंतजार करें अगले भाग – “अतीत” का, आभार – कॉमिक्स बाइट!!

पढ़ें: डैज़लिंग यूनिवर्स ऑफ़ ध्रुव – भाग 1: ध्रुव – राज कॉमिक्स बाय मनोज गुप्ता (Dazzling Universe of Dhruv – Part 1: Dhruv – Raj Comics by Manoj Gupta)

Raj Comics By Sanjay Gupta Super Commando Dhruva Hand Painted Bobble Head Limited Edition The Art of Heroism

Raj Comics - Super Commando Dhruva - Bobble Head
Super Commando Dhruva – Bobble Head
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