ड्रैकुला रिर्सजेंस नाॅयर एडिशन: सीमित संस्करण और एक डरावनी कहानी! (Dracula Resurgence Noir Edition: Hindi Noir Version Launches in Limited Print)
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बुल्सआई प्रेस प्रस्तुत करते हैं इतिहास और हॉरर का अनोखा संगम, ड्रैकुला रिर्सजेंस नाॅयर संस्करण सिर्फ सीमित समय के लिए उपलब्ध। (The Hindi Noir edition of Dracula 3 arrives in a stunning limited print by Bullseye Press!)
भारतीय कॉमिक्स जगत में हॉरर और ऐतिहासिक फैंटेसी का अनोखा संगम एक बार फिर चर्चा में है। बुल्सआई प्रेस ने अपनी लोकप्रिय ड्रैकुला सीरीज़ की तीसरी काॅमिक्स – ‘ड्रैकुला रिर्सजेंस‘ का हिंदी नॉयर संस्करण पाठकों की मांग पर जारी करने की घोषणा कर दी है। यह संस्करण बेहद सीमित मात्रा में उपलब्ध होगा, इसलिए कलेक्टर्स और हॉरर कॉमिक्स प्रेमियों के लिए यह एक सुनहरा मौका है।

यह 62 पृष्ठों की विशेष पुस्तक 499/- के मूल्य पर उपलब्ध है, जो छूट के बाद मात्र 449/- रूपये में प्राप्त की जा सकती है। इसकी शिपिंग 15 फ़रवरी से शुरू हो चुकी है। नॉयर एडिशन की कॉपी इसे एक कलेक्टर्स आइटम बना देता है।
कहानी की झलक
कहानी हमें पानीपत की तीसरी लड़ाई के भयावह परिणामों के बाद के दौर में ले जाती है। मराठा अधिकारी राणोजी और जिवाजी राव अपनी अंतिम जिम्मेदारी निभाने निकलते हैं जिसमें उन्हें गुलाम खान से रोहिल्ला कर वसूलना होता है लेकिन उनका मिशन जल्द ही एक डरावने दुःस्वप्न में बदल जाता है जब चारों ओर बिखरी लाशें किसी सामान्य हमले का परिणाम नहीं लगतीं।

इस भयावह नरसंहार के बीच सिर्फ दो लोग जीवित मिलते हैं जो एक छोटी लड़की सलीमा और उसका संरक्षक है। उनकी टूटी-बिखरी कहानी एक ऐसे निर्दयी शिकारी की ओर इशारा करती है, जो रात के अंधेरे में आया था। यहीं से शुरू होती है ड्रैकुला की रहस्यमयी और रोंगटे खड़े कर देने वाली वापसी।
शानदार क्रिएटिव टीम
इस पुस्तक को लेखक सुदीप मेनन ने लिखा है, जबकि आर्टवर्क दीपजाॅय सुब्बा का है, जिनकी कवर आर्ट में ड्रैकुला की क्रूर शक्ति और बारीक डिटेल्स शानदार तरीके से उभरती हैं। लेटरिंग का काम स्वयं रविराज आहूजा ने संभाला है।
अभी आर्डर करे: बुल्सआई प्रेस
नॉयर हिंदी संस्करण फिलहाल सीमित प्रिंट रन में उपलब्ध है। वहीं रेगुलर कलर संस्करण (हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में) आने वाले कॉमिक कॉन इवेंट्स में रिलीज़ किया जाएगा। अगर आप इतिहास, हॉरर और सिनेमैटिक विज़ुअल स्टोरीटेलिंग का अनोखा मिश्रण पसंद करते हैं, तो यह संस्करण आपके कलेक्शन में जरूर होना चाहिए।

ड्रैकुला #1 का तीसरा रीप्रिंट
सीरीज़ की लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि ड्रैकुला #1 अब अपने तीसरे प्रिंटिंग में प्रवेश कर चुका है। पहले अंक की मांग लगातार बनी हुई है, और यही कारण है कि उसे दोबारा नहीं, बल्कि तीसरी बार प्रिंट किया जा रहा है।
हाल ही में जो कवर आर्ट सामने आया है, वह दिग्गज कॉमिक कलाकार टाॅड मैकफाॅरलेन के आइकॉनिक बैटमैन #423 (डीसी काॅमिक्स) कवर को होमेज प्रदान करता है। दीपजाॅय सुब्बा, रविराज आहूजा और तदम ग्यादू ने मिलकर एक कमाल का आवरण बनाया है।

तीसरे रिप्रिंट की उपलब्धि किसी भी इंडी भारतीय कॉमिक्स सीरीज़ के लिए बेहद खास मानी जाएगी। ड्रैकुला का डर आज भी कायम हैं, आभार काॅमिक्स बाइट!!
पढ़े: कॉमिक्स समीक्षा: ड्रैकुला (बुल्सआई प्रेस) – (Comics Review – Dracula – Bullseye Press)




