बैटमैन vs टीनएज म्युटेंट निंजा टर्टल और “आदमखोरों का स्वर्ग और स्वर्ग की तबाही” (Batman vs Teenage Mutant Ninja Turtles)
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यूँ तो कॉमिक्स से मेरा जुडाव बचपन से ही रहा है, पॉप कल्चर के रेफरेंस आज भी हर कही देखे जा सकते है. हालाँकि इंडस्ट्री स्टेबल है पर पहले जैसे बात आजकल नहीं दिखती, बहोत से पब्लिकेशन बंद हो चुके है एवं कुछ आज भी संघर्षरत है. कुछ बड़े पब्लिकेशन ने अपने आपको वक़्त के हिसाब से ढाल लिया और कुछ पुराने कॉमिक्स को रीप्रिंट करके आज भी बाजार में ला रहे है, ९० के दशक का समय शायद दोबारा ना आये, पर बचपन की वो यादें गाहे बगाहे आपको पुराने दौर की उस सुनहरी सुबह का एहसास जरुर करा जाती है.
बहरहाल बात यहाँ एक एनिमेटेड मूवी जो मैंने हाल में देखि की हो रही है, वार्नर ब्रदर द्वारा प्रस्तुत “बैटमैन vs टीनएज म्युटेंट निंजा टर्टल” (रिलीज़ सन २०१९) आपको उसी ऐतिहासिक दौर में लेकर जाती है, बैटमैन डिटेक्टिव कॉमिक्स का एक बहोत पुराना किरदार है और लोगो में खासा लोकप्रिय और इस बार बैटमैन का साथ देने आये है निंजा टर्टल, ये मूवी एक क्रॉस यूनिवर्स का पार्ट है जहाँ पर बैटमैन और निंजा टर्टल एक ही समयाधरा का हिस्सा है. निंजा टर्टल ९६ के दौर पे स्टार टीवी पर शाम ६ बजे प्रदर्शित किया जाता था, भारत में शायद वो उनका पहला आगमन था, उसके बाद बैटमैन की टीवी सीरीज भी आती थी जो की १९६० के दशक का डब्बड वर्शन था.

दो अलग अलग तरह के किरदारों को साथ में देखना एक सुखद एसहास है हम जैसे कॉमिक्स प्रेमियों के लिए, जहाँ एक ओर बैटमैन शांत, गंभीर है वही दूसरी तरफ निंजा टर्टल जांबाज़, मजाकिया एवम मार्शल आर्ट में सिध्हस्त फाइटर्स.
कहानी में निज़ा टर्टल के विल्लन “श्रेद्देर” का बहोत खरतनाक बताया है और जब उसके साथ बैटमैन के धुर विरोधी “रा’स अल घुल” भी मिल जाता है तब गौथम सिटी में एक ऐसा धमका होता है की निंजा टर्टल के साथ बैटमैन, रोबिन और बैटगर्ल की नींद भी उड़ जाती है, इस मूवी में आपको बैटमैन के और भी कई सारे विल्लंस का कैमियो भी देखने को मिलेगा.
कुछ फाइटिंग सीन्स में जान डाल दी गयी है, जैसे बैटमैन और “श्रेद्देर” की फाइट, बैटमैन और निंजा टर्टल की फाइट, अर्कहम एसाइलम का एपिक बैटल या क्लाइमेक्स में “रा’स अल घुल” की शानदार तलवारबाज़ी, यकीं जानिए मै काफी एनिमेटेड मूवीज देखता हूं पर इस बार बात ही कुछ अलग है.
आप सोच रहे होंगे मैंने पूरी बात तो बस एनिमेटेड मूवी पर ही कर दी पर विषय में तो “आदमखोरों का स्वर्ग एवम् स्वर्ग की तबाही” का भी जिक्र है तोह इन दोनों के बीच का क्या कनेक्शन है? जी बिलकुल है!
जैसा जिनको पता नहीं भी है तो उन पाठको को मै बताना चाहूँगा की कॉमिक्स “आदमखोरों का स्वर्ग एवम् स्वर्ग की तबाही” राज कॉमिक्स के द्वारा प्रस्तुत ९० के दशक में अनुपम सिन्हा जी के हांथो से बनाया गया एक ऐसा शाहकार है जिसे किसी वाख्या की जरुरत नहीं है. सुपर कमांडो ध्रुव के जीवन का अहम पड़ाव और कमांडो फ़ोर्स की “रेणु” एवम् “चंडिका” की धुआंधार एंट्री के लिए इस कॉमिक्स को हमेशा याद किया जायेगा और “नरसिहं” जैसे लार्जर देन लाइफ वाले खलनायक ने कहानी में पूरी जान झोंक दी थी.
वर्ल्ड वार २ के दौरान बनाया गया एक ऐसा सीरम जिससे इन्सान में किसी भी पशु की ताकत और उस पशु के जैसे बदलाव आ जाते है, ध्रुव की टक्कर ऐसे ही एक पशु मानव से राजनगर में होती है जो उसे अन्ततः लक्षद्वीप तक ले जाती है और वहां पर पशु मानवों से उसका जबरदस्त टकराव दिखाया गया है.

अब जो बैटमैन vs टीनएज म्युटेंट निंजा टर्टल और “आदमखोरों का स्वर्ग एवम् स्वर्ग की तबाही” को जोड़ता है वो यही सीरम वाला ट्विस्ट है, श्रेद्देर और रा’स अल घुल गौथम शहर को तबाह कर देना चाहते है और ये सीरम उसमें एक एहम कड़ी साबित होगा, एनिमेटेड मूवी के अंत में पशु मनवो का एक्शन आपको दंग कर देगा और आप जरुर कॉमिक्स से उससे रिलेट कर पाएंगे, अगर मै अंग्रेजी के शब्दों में कहूं तो इसे “Mind-Blowing” कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी.
अंत तक बने रहने के लिए आप सभी मित्रों का शुक्रगुजार हूं, अपनी राय से अवगत जरुर कराएं और मूवी को बिलकुल भी मिस ना करें!
आपका – मैनाक
Batman/Teenage Mutant Ninja Turtles Omnibus





बहुत ही बढ़िया लेख, खासकर 90 के दशक की यादों को आज से जोड़ कर देख और इन नई चीजों में एक कनेक्शन की फील ।
Great review. Congratulations!!!!!!
Great