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जब डायमण्ड कॉमिक्स के विज्ञापन भी होते थे बच्चों की दुनिया का पासपोर्ट! (When Diamond Comics Advertisements Were a Passport to Every Kid’s World!)

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एक समय था जब कॉमिक्स के पिछले पन्ने केवल विज्ञापन नहीं बल्कि सपनों की खिड़कियां हुआ करते थे। चाचा चौधरी, फैंटम, मैंड्रेक, मोटू-पतलू और अंकुर क्लब के साथ यह पुराना डायमण्ड कॉमिक्स विज्ञापन आज भी 90s और शुरुआती दौर के पाठकों को सीधे बचपन में पहुंचा देता है। (There was a time when the back pages of comics were not just advertisements but windows to a child’s imagination. Featuring Chacha Chaudhary, Phantom, Mandrake, Motu Patlu and the Ankur Club, this vintage Diamond Comics advertisement instantly transports readers back to their childhood.)

Diamond Comics vintage advertisement
Diamond Comics Vintage Ad Series – Comics Byte

पुरानी कॉमिक्स पढ़ते समय अक्सर कहानी खत्म होने के बाद लोग आखिरी पन्ने पलटकर आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन जो पाठक 80s और 90s के दौर से जुड़े रहे हैं, वे जानते हैं कि असली खजाना कई बार उन्हीं पिछले पन्नों में छिपा होता था। डायमण्ड कॉमिक्स के ऐसे विज्ञापन केवल प्रकाशन संबंधी जानकारी नहीं देते थे, बल्कि वे उस दौर के बच्चों के सपनों, उत्साह और प्रतीक्षा को भी अपने साथ लेकर चलते थे।

Chacha Chaudhary Aur Chamatkari Itra - Diamond Comics
Chacha Chaudhary Aur Chamatkari Itra – Diamond Comics

इस विंटेज विज्ञापन पर नजर डालते ही सबसे पहले दिखाई देती है एक परिचित पंक्ति जो है “भारत में सर्वाधिक बिकने वाले कॉमिक्स।” उसके नीचे कॉमिक्स की एक ऐसी दुनिया सजी हुई थी जिसमें हर तरह के पाठकों के लिए कुछ न कुछ मौजूद था। एक तरफ प्राण साहब के लोकप्रिय किरदारों वाली कॉमिक्स थीं जिसमें “चाचा चौधरी चमत्कारी इत्र”, “रमन और शिकार”, “चाचा भतीजा और छूमन्तर”, तो दूसरी ओर “अग्निपुत्र अभय और मूषक मानव” तथा “महाबली शाका और मौत का चक्रव्यूह” जैसे एक्शन और रोमांच से भरे शीर्षक दिखाई देते हैं।

और मज़ेदार बात यह थी कि बच्चों की दुनिया केवल सुपरहीरो या एडवेंचर तक सीमित नहीं थी। वहीं “मोटू पतलू और मूर्ख पहलवान” भी मौजूद था, जो हल्के-फुल्के हास्य का प्रतिनिधित्व करता था। साथ ही फैंटम, मैंड्रेक और जेम्स बॉन्ड जैसे अंतरराष्ट्रीय किरदारों की उपस्थिति यह दिखाती है कि उस समय भारतीय पाठकों की पसंद कितनी विविध थी।

डायमण्ड कॉमिक्स का यह विंटेज विज्ञापन सिर्फ कॉमिक्स बेचने का जरिया नहीं था, बल्कि एक पूरे दौर की यादें समेटे हुए था। चाचा चौधरी से लेकर फैंटम तक, यह पन्ना बच्चों के सपनों और कॉमिक्स संस्कृति का एक जीवंत हिस्सा था।”

लेकिन ऐसे पुराने विज्ञापनों की असली खूबसूरती केवल कॉमिक्स की सूची में नहीं थी। वे एक अनुभव बनाते थे। बच्चे अगले अंक का इंतजार करते थे, दुकानों पर पूछते थे कि नया अंक आया या नहीं, और कई बार सिर्फ आवरण देखकर ही यह तय कर लेते थे कि अगली जेब खर्च किस कॉमिक पर खर्च होगी।

इसी विज्ञापन में अंकुर बाल बुक क्लब का भी जिक्र दिखाई देता है। उस समय घर बैठे कॉमिक्स मंगाने का विचार अपने आप में रोमांचक था। आज के ऑनलाइन ऑर्डर और एक क्लिक वाली दुनिया में यह साधारण लग सकता है, लेकिन उस दौर में डाक से कॉमिक्स आने का इंतजार किसी त्योहार से कम नहीं होता था।

Phantom 64 Comics Digest - Diamond Comics
Phantom 64 Comics Digest – Diamond Comics

आज जब हम इस तरह के विंटेज विज्ञापन देखते हैं तो महसूस होता है कि वे सिर्फ प्रचार सामग्री नहीं थे। वे उस दौर के बच्चों की कल्पनाओं, उत्साह और कॉमिक्स संस्कृति का हिस्सा थे। शायद यही कारण है कि आज भी पुराने पाठक इन्हें देखकर केवल कॉमिक्स नहीं, बल्कि अपना पूरा बचपन याद करने लगते हैं। आभार – काॅमिक्स बाइट!!

पढ़े: कॉमिक्स बाइट फैक्ट: जब चाचा चौधरी ने खेला फुटबॉल वर्ल्ड कप! (Comics Byte Fact: When Chacha Chaudhary Played in the Football World Cup!)

खो जाइए बचपन में Vintage Diamond Comics के साथ | Classics Of 90’s Era | Comics Byte

Chacha Chaudhary Comics in Hindi (Set of 5 Books)

Chacha Chaudhary Comics in Hindi (Set of 5 Books)

Comics Byte

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