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सामरी की ज्वाला: जब ध्रुव भिड़ा कई महाखलनायकों से – राज कॉमिक्स का यादगार विशेषांक। (Samri Ki Jwala: When Dhruv Faced Legendary Supervillains – A Classic Raj Comics Visheshank)

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समरी की ज्वाला – रहस्य, रोमांच और अनुपम सिन्हा की अद्भुत कला का संगम। (Samri Ki Jwala – a perfect blend of Mystery, Action and Anupam Sinha’s Artwork.)

1990 के दशक में कॉमिक्स का प्रचार आज की तरह सोशल मीडिया या यूट्यूब के माध्यम से नहीं होता था। उस समय आने वाले अगले अंक की झलक, पोस्टर और विज्ञापन ही पाठकों की कल्पनाओं को उड़ान देते थे। “सामरी की ज्वाला” (Samri Ki Jwala) का यह विंटेज विज्ञापन भी उन्हीं यादगार प्रचार अभियानों में से एक है जिसने राज कॉमिक्स प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा किया था।

Samri Ki Jwala - Vintage Ad - Raj Comics 
Art By Anupam Sinha
Samri Ki Jwala – Vintage Ad – Raj Comics
Art By Anupam Sinha

विज्ञापन में ध्रुव और सामरी आमने-सामने दिखाई देते हैं। पीछे धधकती आग, ज्वालामुखीय वातावरण और दोनों योद्धाओं की टक्कर यह संकेत देती है कि यह कोई साधारण कहानी नहीं होने वाली। विज्ञापन के संवाद भी पाठकों को यह विश्वास दिलाते थे कि ध्रुव इस बार एक ऐसे प्रतिद्वंद्वी से टकराने जा रहा है जो शक्ति और रहस्य दोनों में अद्वितीय है।

ध्रुव का भयावह सपना और रहस्य की शुरुआत

कहानी की शुरुआत होती है ध्रुव के एक विचित्र और बार-बार आने वाले सपने से। सपने में वह स्वयं को नताशा के साथ एक ज्वालामुखी के आसपास राक्षसों से घिरा हुआ पाता है। इसके बाद घटनाएं वास्तविक जीवन में भी उसी दिशा में बढ़ने लगती हैं।

आतंकवादियों का हमला, आग उगलने वाले हथियार से लैस रहस्यमयी योद्धा और नताशा जैसी दिखने वाली एक युवती, इन सभी घटनाओं से ध्रुव उलझ जाता है।

जब नताशा को प्रशांत महासागर के एक ज्वालामुखी पर रिपोर्टिंग के लिए भेजा जाता है, तो ध्रुव उसके साथ जाने का निर्णय लेता है और और उसका अचानक गायब हो जाना! यहीं से कहानी रहस्य, विज्ञान-कथा, तंत्र-मंत्र और एक्शन का ऐसा मिश्रण बन जाती है जिसने इसे यादगार बना दिया।

एक साथ कई महाखलनायकों की मौजूदगी

सामरी की ज्वाला की सबसे बड़ी खासियत इसकी विशाल ‘स्टारकास्ट’ थी।

इस कहानी में पाठकों को देखने को मिले:

  • चंडकाल की भयावह वापसी
  • भविष्य से आया ध्रुव का शत्रु और मानसिक शक्तियों का स्वामी महमानव
  • आधुनिक दुनिया से छुपी हुई जनजाति के रहस्यमयी योद्धा
  • खतरनाक शक्तिधारक कंकाल, त्रिकाल और शाकाल
  • पवित्र अग्नि का संरक्षक सामरी
  • और इन सबके बीच फंसा सुपर कमांडो ध्रुव

उस समय राज कॉमिक्स के पाठकों के लिए यह किसी “क्रॉसओवर इवेंट” से कम नहीं था। कई शक्तिशाली पात्रों को एक ही कथा में देखना अपने आप में बड़ा आकर्षण था।

समरी: कॉमिक्स और हॉरर सिनेमा के दौर का लोकप्रिय नाम

1990 के दशक में “सामरी” नाम भारतीय जनमानस के लिए नया नहीं था। रामसे ब्रदर्स की हॉरर फिल्मों के कारण यह नाम पहले ही लोकप्रिय हो चुका था। ऐसे समय में राज कॉमिक्स द्वारा “सामरी” नाम के एक रहस्यमयी और शक्तिशाली योद्धा को प्रस्तुत करना पाठकों के लिए अतिरिक्त आकर्षण का कारण बना।

Samri Trading Card - Raj Comics
Samri Trading Card – Raj Comics

कॉमिक्स में सामरी किसी साधारण योद्धा की तरह नहीं, बल्कि पवित्र अग्नि के संरक्षक के रूप में सामने आता है। वह केवल राजवंश के आदेशों का पालन करता है और उसकी निष्ठा तथा शक्ति कहानी को अलग आयाम देती है।

अनुपम सिन्हा का शानदार चित्रांकन

यदि सामरी की ज्वाला को आज भी याद किया जाता है तो उसका एक बड़ा कारण है महान भारतीय कॉमिक बुक कलाकार अनुपम सिन्हा का शानदार चित्रांकन।

विज्ञापन को देखकर ही उनकी कला की झलक मिल जाती है जहां:

  • गतिशील एक्शन पोज़
  • शक्तिशाली बॉडी लैंग्वेज
  • आग और ज्वालामुखी का प्रभावशाली चित्रण
  • ध्रुव और सामरी के बीच तनावपूर्ण टकराव

अनुपम सिन्हा की कला में एक सिनेमाई भव्यता दिखाई देती है, जिसने इस विशेषांक को दृश्य रूप से बेहद आकर्षक बना दिया। एक के बाद एक होते एक्शन पैक्ड सीकवेंस पाठकों को काॅमिक्स के पृष्ठों से बांधे रखते हैं।

1993 का राज कॉमिक्स विशेषांक नंबर 19 और आज भी उपलब्ध है यह क्लासिक कॉमिक्स

सामरी की ज्वाला वर्ष 1993 में राज कॉमिक्स विशेषांक (Visheshank) नंबर 19 के रूप में प्रकाशित हुई थी।

उस दौर में विशेषांक केवल एक कॉमिक्स नहीं होते थे बल्कि वे पाठकों के लिए किसी त्योहार जैसे होते थे। ज्यादा पृष्ठ, बड़ी कहानी, नए पात्र और कई बार आकर्षक उपहार! ये सभी बातें विशेषांकों को संग्रहणीय बनाती थीं। आज भी कई पुराने पाठक इस अंक को राज कॉमिक्स के क्लासिक विशेषांकों में गिनते हैं।

Samri Ki Jwala - Raj Comics Visheshank
Samri Ki Jwala – Raj Comics Visheshank

अच्छी बात यह है कि सामरी की ज्वाला केवल यादों तक सीमित नहीं है। पुराने और नए पाठक आज भी इस कॉमिक्स को राज कॉमिक्स और विभिन्न कॉमिक बुक रिटेलर्स के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

यदि आपने यह कहानी कभी नहीं पढ़ी, तो यह ध्रुव के शुरुआती और सबसे रोमांचक साहसिक अभियानों में से एक है जिसे हर राज कॉमिक्स प्रेमी को कम से कम एक बार अवश्य पढ़ना चाहिए।

निष्कर्ष

सामरी की ज्वाला उस दौर का प्रतिनिधित्व करती है जब राज कॉमिक्स अपने रचनात्मक शिखर पर थी। रहस्य, रोमांच, खलनायकों की फौज, ज्वालामुखी की पृष्ठभूमि, अनुपम सिन्हा की कला और सुपर कमांडो ध्रुव की अदम्य साहसिकता, ये सभी तत्व मिलकर इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बनाते हैं।

वर्षों बाद भी इस कॉमिक्स का विज्ञापन देखकर वही पुरानी उत्सुकता जाग उठती है। यह केवल एक विज्ञापन नहीं, बल्कि भारतीय कॉमिक्स के स्वर्णिम युग की एक जीवंत झलक है। आभार – काॅमिक्स बाइट!!

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Raj Comics By Sanjay Gupta

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Nag Granth Series - Narak Nashak Nagraj - Raj Comics By Sanjay Gupta
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