90 के दशक की यादें फिर होंगी ताज़ा: नए प्रारूप में लौटे राज कॉमिक्स के फाइटर टोड्स। (The 90s Nostalgia Returns: Raj Comics Fighter Toads Are Back in a New Format)
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राज कॉमिक्स बाय मनोज गुप्ता लेकर आए हैं 90 के दशक की सुपरहिट हास्य-एक्शन श्रृंखला फाइटर टोड्स का नया संस्करण। अनुपम सिन्हा की शानदार कला, मज़ेदार कहानियाँ और नॉस्टैल्जिया से भरपूर यह संग्रह पुराने पाठकों के लिए किसी खजाने से कम नहीं। (Raj Comics by Manoj Gupta revives the iconic Fighter Toads series in a larger collector-friendly format. Relive the humor, nostalgia and legendary artwork of Anupam Sinha with four classic adventures from the early 1990s.)
कॉमिक्स की दुनिया में कुछ ऐसी श्रृंखलाएँ या चित्रकथाएं होती हैं जो केवल कहानियाँ नहीं होतीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी की यादों का हिस्सा बन जाती हैं। फाइटर टोड्स भी ऐसे ही अनोखे पात्र है जिसने 90 के दशक के शुरुआती वर्षों में राज कॉमिक्स के पाठकों का भरपूर मनोरंजन किया।

अब राज कॉमिक्स बाय मनोज गुप्ता इस क्लासिक श्रृंखला को एक बार फिर नए कलेवर में प्रस्तुत कर रहे हैं। इस बार कॉमिक्स नए 15.75 × 23.8 सेमी आकार में प्रकाशित की जा रही हैं, जिससे अनुपम सिन्हा जी की शानदार चित्रकारी पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली दिखाई देगी।
वापस आ रही हैं ये चार क्लासिक कॉमिक्स
इस विशेष पुनर्प्रकाशन में शामिल हैं—
- फाइटर टोड्स
- खून चोर
- जाली नोट
- चैंपियन WWF
प्रत्येक कॉमिक में 64 पृष्ठ हैं और कीमत ₹225 प्रति कॉमिक रखी गई है। साथ ही पाठकों को फ्री फ्रिज मैग्नेट भी मिलेगा।

यह वह दौर था जब राज कॉमिक्स एकल प्रकाशन संस्था के रूप में भारतीय कॉमिक्स जगत पर राज कर रही थी। उस समय ये कॉमिक्स लगभग ₹20 के लोकप्रिय प्रारूप में प्रकाशित हुई थीं और बच्चों से लेकर युवाओं तक हर किसी की पसंद बन गई थीं।
फाइटर टोड्स का उद्देश्य किसी गंभीर सुपरहीरो कहानी को प्रस्तुत करना नहीं था। यह पूरी तरह मनोरंजन, हास्य और हल्के-फुल्के रोमांच से भरपूर एक अलग ही दुनिया थी।
90 के दशक में ₹20 के क्लासिक प्रारूप में प्रकाशित हुई फाइटर टोड्स श्रृंखला अब नए बड़े आकार (15.75 × 23.8 सेमी) में वापस आ रही है। फाइटर टोड्स, खून चोर, जाली नोट और चैंपियन WWF जैसी यादगार कॉमिक्स एक बार फिर पाठकों को हंसी, रोमांच और बेहतरीन चित्रकला का अनुभव कराने के लिए तैयार हैं।”
अनुपम सिन्हा का जादू
यदि फाइटर टोड्स आज भी याद किए जाते हैं, तो उसका सबसे बड़ा कारण हैं कॉमिक्स के दिग्गज कलाकार और लेखक अनुपम सिन्हा जी।

उन्होंने केवल इन कहानियों को लिखा ही नहीं, बल्कि अपनी शानदार चित्रकारी और विजुअल स्टोरीटेलिंग से इन्हें जीवंत भी बनाया। उनके बनाए हर पैनल में ऊर्जा, हास्य और सिनेमाई गति देखने को मिलती है।
बड़े आकार में यह पुनर्प्रकाशन पाठकों को उनकी बारीक रेखाओं, एक्सप्रेशन और एक्शन सीक्वेंस का आनंद पहले से कहीं बेहतर तरीके से लेने का अवसर देगा।
मास्टर, कटर, शूटर…कंप्यूटर और हमारी प्यारी तौकी जी!
फाइटर टोड्स की सबसे बड़ी ताकत केवल इसकी कहानियाँ नहीं थीं, बल्कि इसके यादगार किरदार भी थे।
मास्टर, कटर, शूटर और कंप्यूटर बड़े ही जबरदस्त एक्शन में नजर आए, हमेशा मुस्कान बिखेरने वाले तौकी जी (जिन्हें कई प्रशंसक मज़ाक में आज भी “लौकी जी” कहकर याद करते हैं) ने इस श्रृंखला को एक अलग पहचान दी।

इनकी आपसी नोकझोंक, मज़ेदार संवाद और हास्य से भरपूर एक्शन ने पाठकों को खूब हंसाया। यही कारण है कि आज भी यह श्रृंखला पुराने पाठकों के बीच उतनी ही लोकप्रिय है।
क्या यह निंजा टर्टल्स से प्रेरित थी?
पहली नज़र में फाइटर टोड्स का लुक कई पाठकों को निंजा टर्टल की याद दिला सकता है। यह तुलना वर्षों से होती रही है।
लेकिन भारतीय पाठकों ने जल्द ही महसूस किया कि फाइटर टोड्स की अपनी अलग पहचान थी। इसकी कहानियाँ, हास्य, संवाद और भारतीय अंदाज़ ने इसे केवल किसी प्रेरणा तक सीमित नहीं रहने दिया। यह अपनी अलग शैली और मनोरंजन के कारण यादगार बन गई।

आज जब कॉमिक्स की दुनिया लगातार बदल रही है, तब ऐसे क्लासिक पुनर्प्रकाशन केवल नई किताबें नहीं होते, बल्कि नॉस्टैल्जिया का उत्सव बन जाते हैं।
जिन पाठकों ने बचपन में इन्हें पढ़ा था, उनके लिए यह यादों की वापसी है। वहीं नई पीढ़ी को भारतीय कॉमिक्स के स्वर्णिम दौर की एक शानदार झलक देखने का अवसर मिलेगा।
कॉमिक्स बाइट की राय
फाइटर टोड्स केवल चार कॉमिक्स का संग्रह नहीं है, बल्कि भारतीय कॉमिक्स इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
राज कॉमिक्स बाय मनोज गुप्ता का यह निर्णय सराहनीय है कि उन्होंने इन क्लासिक कहानियों को नए आकार में दोबारा प्रकाशित किया है। इससे न केवल पुराने प्रशंसकों की यादें ताज़ा होंगी, बल्कि नई पीढ़ी भी अनुपम सिन्हा की बेहतरीन कला और मनोरंजक कहानी कहने की शैली से परिचित होगी।
यदि आप 90 के दशक के राज कॉमिक्स प्रशंसक रहे हैं, तो यह संग्रह आपकी शेल्फ़ पर अवश्य होना चाहिए। प्री-आर्डर सभी पुस्तक विक्रेताओं के पास उपलब्ध है। आभार – काॅमिक्स बाइट!!




