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सुपरहीरो सिनेमेटिक यूनिवर्स का बदलता मिज़ाज! (The Changing Mood Of The Superhero Cinematic Universe!)

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मार्वल और डीसी की सुपरहीरो वाली फिल्मों के लगातार गिरते प्रदर्शन से क्यूँ निराश हैं दर्शक। (Why are the audience disappointed with the continuous falling performance of Marvel and DC’s superhero films?.)

नमस्कार, यह वर्ष सुपरहीरो वाली फिल्मों के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं रहा और मार्वल कॉमिक्स एवं डीसी कॉमिक्स के पात्रों पर आधारित दो फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर औंधें मुंह गिरी। मार्वल स्टूडियोज और वार्नर ब्रदर्स जैसे बड़े प्रोडक्शन हाउस भी इन्हें बचा नहीं पाएं, “एंट मैन एंड द वास्प: क्वांटममेनिया” और “शाज़ाम: फयूरी ऑफ़ द गॉड्स” दर्शकों को बिलकुल लुभा नहीं पाई और इन बिग बजट मूवीज ने स्टूडियोज को यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या सुपरहीरो फिल्मों का स्वर्णिम दौर अब ख़त्म हुआ? और उनका जादू अब जनता पर नहीं चलने वाला!

शायद इसके पीछे अत्यधिक कंटेंट की मात्रा थीं जो हमें बीते दो वर्षों में देखने को मिली जहाँ फ़िल्में, वेब सीरीज़ और ओटीटी जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हर महीनें कुछ ना कुछ आता रहा या गड़बड़ कहीं और थीं? एक कारण तो यह हैं ही लेकिन दूसरे भी अन्य कारक हैं जिनके लिए इन सुपरहीरोज को दर्शकों की नाराज़गी झेलनी पड़ी। यह फ़िल्में मनोरंजन का शुद्ध जरिया रहीं हैं बीतें दो दशकों में लेकिन अब लोग यहाँ मुद्दे भी उठानें लगे हैं और इन्हें जबरन दर्शकों पर थोपा जा रहा हैं। ऐसा लगातार हो भी रहा हैं और प्रोडक्शन हाउस भी सही निर्णय लेने से कतरा रहे हैं। इसका एक प्रमाण तो डीसी कॉमिक्स के सुपरमैन श्रीमान हेनरी केविल का ही हैं जहाँ ‘ब्लैक एडम’ फिल्म में उनकी एक झलक दिखाई दी और उसके एक हफ्ते बाद ही उन्हें सुपरमैन के भूमिका से निष्काषित भी कर दिया गया। ऐसे अन्य भी बहुत से उदाहरण हैं लेकिन समय हमेशा एक सा नहीं रहता और इस ‘जिंक्स’ को तोड़ा “ग़ारडियन ऑफ़ द गैलेक्सी: वॉल्यूम 3” ने एवं हाल ही में रिलीज़ सोनी पिक्चर्स की “स्पाइडर-मैन: एक्रोस द स्पाइडर-वर्स” ने!

निर्देशक जेम्स गन ने मार्वल स्टूडियोज के एक अदद “हिट” के सूखे को समाप्त किया और दर्शकों को पेश की एक ऐसी शानदार फिल्म जिसे वह कई अर्से तक याद रखेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपनी ग़ारडियन ऑफ़ द गैलेक्सी की ट्रियोलोजी को एक शानदार समापन दिया, अब क्योंकि वो वार्नर ब्रदर्स के नए ‘को-सीईओ’ भी हैं तो जाहिर हैं मार्वल के लिए शायद ही वो कई नई फिल्म लिखें या निर्देशित करें। इस फिल्म ने ना सिर्फ सभी का मनोरंजन किया अपितु जानवरों हो रहे अत्याचार के मुद्दे को भी बड़े ही भावनात्मक तरीके से दर्शाया। मार्वल की बीते कुछ वर्षों की पायदान पर यह फिल्म ‘टॉप’ पर हैं और आशा हैं फेज 4 के दयनीय प्रदर्शन को मार्वल दोबारा नहीं दोहराएगी। दूसरी ओर नई टेक्नोलॉजी वाले एनीमेशन से सोनी पिक्चर्स ने यह दर्शया की अगर कंटेंट में दम हो तो उसे भी लोग सिनेमाघर में देखनें जरुर जाएंगे और स्टूडियोज की मेहनत को प्रेम-प्रशंसा भी देंगे। एक अश्वेत नायक ‘माइल्स मोरालेस’ aka स्पाइडर-मैन के पात्र की दोनों फिल्मों को दर्शकों का भरपूर स्नेह मिला हैं और यही कारण हैं की इसके लाइव एक्शन फ़िल्म की भी चर्चाओं का दौर गर्म हैं।

बहरहाल अंग्रेजी में एक प्रचलित कहावत हैं “कंटेंट इज द रियल किंग” (Content Is The Real King) और उपर बताई गई दोनों फ़िल्में इस कथन को साबित भी करती हैं। अब सभी की नजरें वार्नर ब्रदर्स द्वारा आने वाली फिल्म ‘द फ़्लैश’ (The Falsh) पर टिकी हैं जिसका भविष्य भी कुछ दिनों में हम सबके समक्ष होगा, फ़िल्म का ट्रेलर उत्साहित करता हैं और मल्टीवर्स का जुड़ाव कई नए पहलू उजागर भी। बनें रहिए कॉमिक्स बाइट के साथ, उसकी समीक्षा भी बहुत जल्द, आभार – कॉमिक्स बाइट!!

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Comics Byte

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