मुंबई कॉमिक कॉन में लौटा 90’s का जादू! राज कॉमिक्स बाय संजय गुप्ता ने लॉन्च किए शानदार प्रीमियम डाइजेस्ट एडिशन (Raj Comics By Sanjay Gupta Revives the 90s at Mumbai Comic Con with Premium Digest Editions)
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भेड़िया, नागराज, परमाणु, ध्रुव और डोगा की क्लासिक कहानियां अब प्रीमियम बड़े साइज और गेटफोल्ड कवर के साथ। मुंबई कॉमिक कॉन में फैन्स को मिला नॉस्टेल्जिया का तोहफा। (Classic adventures of Bhediya, Nagraj, Parmanu, Dhruv and Doga return in premium oversized editions with nostalgic gatefold covers, launched at Mumbai Comic Con.)
भारतीय कॉमिक्स जगत में 90’s का दौर आज भी स्वर्णिम माना जाता है। वही समय था जब हर महीने नई कॉमिक्स का इंतजार बच्चों और युवाओं के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता था। अब उसी दौर की यादों को फिर से जीवंत करने का काम किया है राज काॅमिक्स बाय संजय गुप्ता ने, जिन्होंने मुंबई कॉमिक कॉन में अपनी नई प्रीमियम काॅमिक्स रिलीज़ की हैं।

इन नई रिलीज़ में सबसे खास है “भेड़िया पेपरबैक संस्करण 1”, जिसमें भेड़िया की शुरुआती चार कॉमिक्स को एक ही शानदार संग्रह में प्रस्तुत किया गया है। 164 पेज की इस डाइजेस्ट का कवर और प्रेजेंटेशन सीधे 90’s के दौर की याद दिलाता है। इसकी कीमत 600 रुपये रखी गई है, जबकि डिस्काउंट के बाद यह 540 रुपये में उपलब्ध है।

इसके अलावा “Raj Comics Specials 2 IN 1” सीरीज भी फैन्स के बीच काफी चर्चा में रही। इस सीरीज में क्लासिक क्रॉसओवर और मल्टी-हीरो एडवेंचर्स को बड़े साइज और प्रीमियम फॉर्मेट में दोबारा प्रकाशित किया गया है।
इनमें शामिल हैं:
- सूरमा : नागराज और परमाणु
- कयामत : नागराज और परमाणु
- निशाचर : सुपर कमांडो ध्रुव और डोगा
- राजनगर की तबाही : नागराज और सुपर कमांडो ध्रुव
हर एक कॉमिक 88 पेज के बड़े प्रीमियम फॉर्मेट में उपलब्ध है। सबसे खास बात यह है कि इन कॉमिक्स में पुराने दौर जैसे गेटफोल्ड कवर दिए गए हैं, विज्ञापन पेज हटाकर पढ़ने का अनुभव और भी बेहतर बनाया गया है। प्रिंट क्वालिटी अच्छी है पर और बेहतर हो सकती है, चित्रों को बड़े साईज के काॅमिक्स में पढ़ना और निहारना आनंदित करता है लेकिन कई पैनल खिंचे हुए दिखाई पड़ते है (काॅमिक काॅन के उपलब्ध संस्करण में)।

इन रिलीज़ को देखकर साफ महसूस होता है कि यह केवल रीप्रिंट नहीं, बल्कि 90’s की कॉमिक्स संस्कृति को सम्मान देने की कोशिश है। पुराने पाठकों के लिए यह नॉस्टेल्जिया से भरी यात्रा है, जबकि नए पाठकों के लिए भारतीय सुपरहीरो कॉमिक्स की क्लासिक दुनिया से परिचय कराने का शानदार माध्यम। आर्टिस्ट अनुपम सिन्हा जी से लेकर स्वर्गीय धीरज वर्मा जी तक का सदाबहार आर्टवर्क आपको यहाँ देखने को मिलेगा।

मुंबई कॉमिक कॉन में इन संस्करणों को लेकर फैन्स का उत्साह भी देखने लायक था। कई पाठकों ने इन्हें “हाईवे टू द नाइंटीज़” कहा, क्योंकि इन कॉमिक्स का साइज, कवर और प्रस्तुति सीधे उसी दौर की यादें ताजा कर देती है जब राज कॉमिक्स भारतीय पॉप कल्चर का बड़ा हिस्सा हुआ करती थी।

अच्छी बात यह है कि ये कॉमिक्स अब केवल कॉमिक कॉन तक सीमित नहीं हैं। इन्हें प्रमुख कॉमिक्स रिटेलर्स और कॉमिक बुक सेलर्स के जरिए खरीदा जा सकता है। ऐसे में जो पाठक मुंबई कॉमिक कॉन नहीं पहुंच पाए, वे भी इस नॉस्टेल्जिक सफर का हिस्सा बन सकते हैं।
अगर आप 90’s राज कॉमिक्स के प्रशंसक रहे हैं या भारतीय सुपरहीरो कॉमिक्स का क्लासिक दौर देखना चाहते हैं, तो ये प्रीमियम एडिशन आपके कलेक्शन के लिए बेहद खास साबित हो सकते हैं। आभार – काॅमिक्स बाइट!!




